अब तक 6000 युवाओं को निकाल चुके नशे की गिरफ्त से

कुछ दिन पहले की है 5 साल के अब तक 6000 युवाओं को निकाल चुके नशे की गिरफ्त से।

रिटायर्ड कर्नल राजिंदर सिंह बोले- शराब के खुले प्रचलन से युवा आ रहे नशे की गिरफ्त में

चंडीगढ़ पंजाब में पूरे देशभर से तीन से चार गुना अधिक का इस्तेमाल हो रहा है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान से पंजाब के बार्डर एलिया के जरिए देशभर में इम्स की सप्लाई हो रही है। पहले यहां से जो इस अभी वह दिल्ली, मुंबई समेत देश के अन्य बड़े शहरों में सप्लाई होती थी लेकिन अब इसका इस्तेमाल पंड में काफी बहुत बढ़ गया है। नशे की जद में सबसे अधिक 18 से 27 साल के युवाओं के अलावा डॉक्टर फार्मासिस्ट पुलिसकर्मी सेना बीएफ और सीआरपीएफ के जवान तक है। सेना में मना में बतौर वरिष्ठ सलाह दे चुके और 62 साल से मनोचिकित्सक रोगियों का इलाज कर रहे [35] विंदर सिंह ने इंटरनेशनल स्ट इस के मौके पर यह बातें सेक्टर-10 में पत्रकारों से बातों में उन्होंने बताया कि पंजाब में का सबसे अहम कारण यहा का बढ़ता प्रचलन है।

नशे की शुरुआत शराब और धूम्र से ही करते हैं। इसके बाद यह की लत में कम जाते हैं। रजिंदर वर्तमान में पत्नी के साथ मिलकर दो एनजीओ को सेवाएं दे रहे हैं। यह संस्थाएं लोगों को नशा छुड़ाने में मदद करती है। जिटर सिंह अब तक ऐसे युवाओं का इलाज कर चुके हैं, जो नशे के आदि थे। उनका मानना है कि पंजाब में कोई भी पारिवारिक या अन्य तरह का कार्यक्रम हो, उनमें शराब के खुले प्रचलन के कारण नशाखोरी बढ़ रही है। रिटा कमल ने माना कि नहीं की लत अब सेना व अन्य पैरामिलिट्री के अलावा पुलिस जवानों को भी गिरफ्त में से चुकी है। उनके पास दर्जनों मिलिट्री के जनों में
शराब के अत्यधिक सेवन के मामले होते हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *